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भु लेख यूपी 2027 : खतौनी में नाम गलत है, क्या करें?

Farmer registry जो कि अब एक अनिवार्य काम हो गया है किसी भी किसान के लिए। फॉर्मर रजिस्ट्री में किसी भी किसान के सभी खेत एक जगह इक्कठे रजिस्टर कर दिए जाते हैं। लेकिन इसमें एक चीज बहुत ध्यान देने की है। कि 

Farmer registry करते समय वही नम्बर (प्लॉट) add होता है जिसपर कृषक का नाम बिल्कुल सही होता है। इसमें किसी भी बिंदी, मात्रा इत्यादि के गलत होने पर ये add नहीं होगा। ऐसे में कम जमीन add होने पर खाद कम मिलती है, इसलिए इसपर पूरी जमीन चढ़नी आवश्यक है। 

लेकिन गलत नाम वाले नम्बर की जमीन कैसे जुड़ेगी? इसके लिए आपको खतौनी में अपना नाम सही करवाना होगा। 

जिस नम्बर की खतौनी में नाम सही करवाना है आपको वो खतौनी निकलवानी होगी। इसके बाद आपको अपने लेखपाल से मिलना है, जिसके लिए आपको miner गलती होने पर सिर्फ आधार कार्ड, और वह खतौनी की जरूरत होगी। 

कई बार नाम में बड़ी गलती होने पर आपको तहसील जाना पड़ सकता है। फिलहाल farmer registry के दौरान ऐसे बहुत किसान सामने आए हैं जिनका नाम खतौनी में गड़बड़ था। ऐसे में उनका नाम लेखपाल द्वारा ही सही किया जाता है। 

जमीन के प्रकार जैसे श्रेणी 1, 2, 3 इत्यादि क्या हैं, उनके बारे में

जमीन किस श्रेणी की है, इसकी जानकारी आपको होने ही चाहिए। क्योंकि कई बार भूमि खरीद, बेचते समय आप धोखा खा सकते हैं। इसके लिए भूमि की श्रेणी तय की गई हैं। लेकिन इसकी एकदम सटीक जानकारी आपको कहां मिलेगी।

Bhulekh UP portal पर आपको इसके लिए विकल्प मिलेगा। इसपर क्लिक कर आप समस्त प्रकार के भूमि प्रकार की जानकारी ले पाएंगे। हालांकि हो सकता हो आपको आधिकारिक शब्दावली को समझने में समस्या हो, ऐसे में आप किसी जानकार व्यक्ति या लेखपाल से सलाह ले सकते हैं। 

Sarkari bhumi ki jankari kahan milegi ?

सरकारी भूमि कई तरह के श्रेणी के अंतर्गत आती है। ऐसे में कोई व्यक्ति जिसके पास इस तरह की जमीन है, या वह इस तरह की जमीन के करीब है। वह इस जमीन की जानकारी लेखपाल के माध्यम से ले सकता है, हालांकि इसके लिए ऑप्शन upbhulekh.gov.in पर मौजूद है। लेकिन registered user ही इसे देख सकते हैं। 

आनलाइन खतौनी चेक करना सीखें!

यूपी भूलेख खतौनी की प्रमाणित प्रति क्या है?

खतौनी की प्रमाणित कॉपी (सर्टिफाइड कॉपी) क्या है? दरअसल में पहले आपको इसे प्राप्त करने के लिए तहसील अथवा लेखपाल के पास जाना होता था। लेकिन अब नागरिक घर बैठे ही इसे डाउनलोड कर सकते हैं, लेकिन इसके लिए शुल्क लगता है जो ₹15/- पर नम्बर है। इसके लिए आपको यूपी राजस्व परिषद की वेबसाइट पर विजिट करना है। 

जहां आपको एक विकल्प मिलता है :-
भुलेख यूपी प्रमाणित प्रति

इसपर क्लिक करना है। एक पेज ओपन होगा जहां आपको simply mobile otp के through login कर लेना है।
इसके बाद आप आगे की process complete कर और payment करके certified copy of khatauni download कर सकते हैं।

खतौनी की नकल से किस प्रकार अलग है?

खतौनी की नकल सिर्फ जानकारी के लिए है साथ ही किसानों से जुड़े कई कामों में इसे इस्तेमाल किया जा सकता है लेकिन कानूनी कामों के लिय ये मान्य नहीं होती। इसके लिए आपको जरूरत होगी खतौनी की प्रमाणित प्रति की, जिसे आप CSC अथवा स्वयं के द्वारा UP Bhulekh portal से प्राप्त कर सकते हैं। इस प्रमाणित प्रति पर डिजिटल हस्ताक्षर और अधिकारी का विवरण होता है

ऑनलाइन खतौनी देखना UP Bhulekh portal की सबसे अहम सेवा क्यों है?

UP bhulekh portal राज्य के लोगों के लिए सबसे जरूरी पोर्टल में से एक है। जैसा कि उत्तर प्रदेश का एक बड़ी आबादी सीधे तौर पर कृषि से जुड़ी है ऐसे में इस पोर्टल का एक बड़ा महत्व है। हालांकि ये पोर्टल जमीन से जुड़ी कई सारी सेवाएं नागरिकों को ऑनलाइन प्रोवाइड करता है।

लेकिन इन सभी में सबसे ज्यादा use होने वाली और मुख्य सर्विस है "ऑनलाइन खतौनी देखना" ।

क्योंकि अब बहुत सी योजनाओं में किसान भाईयों को खतौनी की जरूरत तो जैसे पड़ती ही रहती है। चाहे PM kisan हो, farmer registry हो, गन्ना सट्टा का कोई काम हो। इस साल तो खाद (यूरिया) खरीदने के लिए लोगों को farmer registry की आवश्यकता हुई थी। इसमें भी खेत के नम्बर लगते हैं जो कि indirectly खतौनी (अथवा भूलेख) से जुड़ा है ।

यूपी भूलेख ऑफिशियल पोर्टल की जानकारी

UP Bhulekh login kaise karen?

UP Bhulekh portal पर login का ऑप्शन सिर्फ विभागीय कर्मचारियों के लिए है। ये आम व्यक्तियों के लिए नहीं है, कोई भी आम नागरिक अपनी भूमि का डेटा बिना किसी login के check कर सकता है। 

इसके लिए आपको पहले ऑफिशियल पोर्टल पर विजिट करना है .

Home page पर login का ऑप्शन मिलेगा। इसपर क्लिक करें।

क्लिक करते ही एक window ओपन होगा . यहां आपको चुनना है : :
Bhulekh up portal login

खतौनी लॉगिन 
रियल टाइम खतौनी लॉगिन 
खसरा पोर्टल

उपरोक्त में एक कोई एक चुने । (उदाहरण के लिए हमने रियल टाइम खतौनी लॉगिन चुना )

इसके बाद आपको प्रशासनिक लेवल पर अधिकारी चुनना है। 

इसके बाद आप login credentials (userid,password)। भरकर login हो सकते हैं। 

इस तरह upbhulekh.gov.in login हो जाएगा। 

खसरे गाटे का वादग्रस्त होना क्या है, land dispute status check UP

खसरे/गाटे का वादग्रस्त होने का मतलब है कि उस जमीन या प्लॉट (गाटा संख्या) पर कोई कानूनी विवाद, मुकदमा या कोर्ट केस चल रहा है। यह विवाद विभिन्न कारणों से हो सकता है जैसे  : पारिवारिक विवाद के बाद हुए मुकदमे, स्वामित्व का विवाद , अवैध कब्जा या बिक्री, एवं सरकारी विवाद की भूमि आदि ।

वादग्रस्त (land dispute ) होने के कारण लगने वाली रोक : 

बिक्री पर रोक: ऐसी जमीनों की रजिस्ट्री या बिक्री पर आमतौर पर कानूनी रोक (Stay Order) लग जाती है।

बैंक लोन नहीं मिलता: यदि आप किसी वादग्रस्त गाटे पर बैंक लोन (Home Loan या KCC) लेना चाहते हैं, तो बैंक उसे रिजेक्ट कर देगा।

नामांतरण (Mutation) रुकना: कोर्ट का फैसला आने तक सरकारी रिकॉर्ड में जमीन का दाखिल-खारिज रुक जाता है।

इसके कारण आप जब भी किसी जमीन को खरीदने की सोच रहे हैं, या खरीदने वाले हैं हमेशा पहले उसका land dispute status check कर लें otherwise आप परेशानी में पड़ सकते हैं । क्योंकि जमीन का समस्त काम महंगा होता है और समय लेता है। 

साथ ही यदि आपको इस तरह की जानकारी नहीं है तो पहले किसी जानकार से भूमि के बारे में सलाह लें अथवा लेखपाल से संपर्क करें।

Land dispute status कैसे check करें?

  • सबसे पहले upbhulekh.gov.in पर विजिट करें। 
  • Home page पर ही नीचे आने पर एक ऑप्शन दिखेगा — भूखण्ड/गाटे के वाद ग्रस्त होने की स्थिति जाने
  • इसपर क्लिक करें।
    UP land record land dispute, UP Bhulekh portal

  • तत्पश्चात लिंक ओपन होगी, जहां आपको क्रमशः जिला, तहसील और गांव चुनना होगा। इसके बाद आप खसरा/गाटे के नम्बर से dispute status check कर सकते हैं।यहां आपको पता चल जाएगा कि भूमि पर किस तरह का कानूनी विवाद चल रहा है।

भु लेख यूपी 2027 : खतौनी में नाम गलत है, क्या करें?

Farmer registry जो कि अब एक अनिवार्य काम हो गया है किसी भी किसान के लिए। फॉर्मर रजिस्ट्री में किसी भी किसान के सभी खेत एक जगह इक्कठे रजिस्टर...