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यूपी भूलेख पोर्टल क्या है, इसकी लिंक

Bhulekh UP, ya UP Bhulekh दोनों एक ही हैं। ये एक बहुत ही उपयोगी पोर्टल है जिसके माध्यम से आप घर बैठे ही जमीन संबंधी जानकारी निकाल सकते हैं । यहां आप खातेदार के नाम, plot no, इत्यादि के माध्यम से खतौनी निकाल सकते हैं। खतौनी में जमीन (विशेषकर प्लॉट/खेत ) की सारी जानकारी मौजूद होती है। साथ ही इसमें विभिन्न सरकारी आदेश भी दिए रहते हैं जैसे कि जमीन का मालिकों का नए मालिकों में हस्तांतरण, और कर्ज सम्बन्धी विवरण। 

यूपी भूलेख पोर्टल - upbhulekh.gov.in/

लेकिन ध्यान रहे खतौनी देखना यूपी भूलेख पोर्टल की सबसे मुख्य और ज्यादा उपयोगी सेवा है। लेकिन इस पोर्टल पर कई अन्य सेवाएं मौजूद हैं जिनका उपयोग यूजर्स सीधे तौर पर कर सकते हैं।

यूपी भूलेख पोर्टल से खतौनी कैसे देखें, फुल जानकारी 


Contaminated fuel kya hai?

सरकार की E 20 पॉलिसी के कारण अब पेट्रोल में 20% एथेनॉल blend किया जा रहा है। हालांकि पहले भी e 5 , और e 10 जैसे blend के साथ पेट्रोल आता था। लेकिन जब से इस ब्लेंडिंग % को increase किया गया है, तब से E 20 चर्चा का विषय बन गया है। 

क्यों बना चर्चा का विषय E-20?

बहुत से लोगों ने मुख्यता विपक्ष ने इसपर बहुत जोर दिया कि e 20 आपके बाइक ,कार को बर्बाद कर रहा है और माइलेज में बड़ा ड्रॉप है। कुछ बड़े youtubers ने ये तक कह दिया कि माइलेज में बहुत ज्यादा कमी आई है 10-12KMPL से 5-6KMPL । साथ ही कई ने बाइक, कार के इंजन में कमी आने का दावा किया था।

क्या है असली वजह fuel रिलेटेड ?

कंपनीज का कहना है कि माइलेज में कमी आएगी जो 5-7% तक सीमित होगी, जबकि लोग 25-50% तक कमी का दावा ठोक रहे थे। जो कि बिल्कुल भी पॉसिबल नहीं है। जबकि bike, car के engine, pump में कमी का मुख्य कारण E 20 fuel नहीं बल्कि Contaminated fuel है। जो एक valid reason है जिसे सरकार और कंपनी ने जांच के बाद बताया। Ethanol से गाड़ी खराब नहीं होती जैसा कि विदेशों में इतनी या इससे भी ज्यादा ब्लेंडिंग हो रही है। दूषित फ्यूल इसका कारण है, क्योंकि अब कंपनिया e 20 compatibility के साथ अपने व्हीकल्स लॉन्च कर रही हैं। 

साथ ही पुरानी बाइक्स जो BS IV वाली हैं, वो भी proper work कर रही हैं। जैसा कि हम सब उनका उपयोग कर ही रहे हैं। इसके लिए कोई अलग प्रयोग करने की जरूरत नहीं।

क्या है Contaminated fuel? दूषित पेट्रोल

पेट्रोल में मुख्यता जो समस्या है वो नमी/पानी को लेकर है। पेट्रोल पानी में नहीं मिलता लेकिन एथेनॉल पानी में मिल जाता है। कई बार हमारे वाहन के पेट्रोल टैंक में पानी चला जाता है, या पेट्रोल पंप पर भी नमी इसके अंदर जा सकती है। ऐसे में अब जो ये fuel है, वो Contaminated fuel है। ये अब वाहन में दहन को प्रभावित करेगा। कम नमी के कारण सिर्फ झटके, या pickup loose हो सकता है या ज्यादा नमी/पानी पहुंच जाने पर बाइक बंद भी पड़ सकती है, जिसे आपको मैकेनिक को दिखाना पड़ सकता है।

आजकल 2026-27 में स्मार्टफोन इतने महंगे क्यों हैं, इसका क्या कारण है?

आजकल स्मार्टफोन की खरीद में तो मंदी जैसे हालात हैं, हर कोई नया फोन लेने के बजाय पुराने फोन से ही काम चला रहा है। क्योंकि नए फोन अब काफी महंगे हो चुके हैं लेकिन इसका कारण क्या है। 

आज स्मार्टफोन का तो जैसे सेगमेंट ही चेंज हो गया है। 

स्मार्टफोन महंगे होने के कई कारण हैं लेकिन सबसे ज्यादा मुख्य है वो है - RAM (Random Access Memory)

हालांकि ROM भी पहले से बड़े हुए रेट पर हैं।

इसके अलावा $ vs ₹ भी है।

विश्व स्तर विभिन्न राजनीतिक गतिविधियों के कारण सप्लाई में कमी ।

क्यों है RAM पर मंहगाई?

आज AI पर जबरदस्त काम चल रहा है इस tech को विकसित करने के लिए जैसे होड़ लग चुकी है। बड़े बड़े डाटा सेंटर विकसित किए जा रहे हैं जिसके लिए इन AI कंपनियों ने memory manufacturing companies के लिए RAM और स्टोरेज के बड़े बड़े ऑर्डर दिए हैं। जिससे स्मार्टफोन में लगने वाली रैम की सप्लाई में कमी आई है, जबकि वैश्विक स्तर पर स्मार्टफोन की एक बहुत बड़ी मार्केट है। इस कमी के कारण आज स्मार्टफोन के price 2 गुने तक चले गए हैं। 

पहले और आज के फोन की एनालिसिस ?

6 महीने पहले आने वाले फोन में आपको 15 हजार के अंदर Amoled display, बड़ी बैटरी, Sony lyt 600 जैसे कैमरा, OIS फीचर्स, decent front camera, 8/6 GB RAM/128 GB ROM, dimensity 7300 जैसे प्रोसेसर, fast charging (generally 45watt) जैसे तगड़े फीचर्स मिल जाते थे। लेकिन अब आप इस सब को भूल जाएं। 

अब ये same features आपको 30k वाले बजट में मिलेंगे। 15K के अन्दर आने वाले कुछ फोन ही मौजूद हैं मार्केट में जिनमें आपको 4/64 RAM/ROM ही मिलती है, साथ में बेसिक कैमरा और कुछ में तो सिर्फ 10 watt का चार्जर ही ऑफर किया जा रहा है।

Smart ganna kisan portal Cane UP 2027

क्या एथेनॉल गन्ने का जूस है?

जैसा कि आजकल सोशल मीडिया पर चल रहा है, छोटे मोटे क्रिएटर्स ethanol पर सरकार को troll कर रहे हैं । बहुत से लोग ethanol को ganne का juice (sugarcane juice) बता रहे हैं उनके मुताबिक ये बाइक(व्हीकल्स ) को बर्बाद कर रहा है , माइलेज को घटा रहा है। लेकिन इसकी हकीकत क्या है, क्या इसे juice कहना उचित है, जानेंगे यहां ...

Ethanol के बारे में!

इसे Ethyl Alcohol के नाम से भी जाना जाता है। 100% pure Ethanol spirit है जो कि ईंधन के तौर पर काम कर सकता है। यह गन्ने के रस, मक्के और सड़े हुए अनाजों से फर्मेंटेशन (किण्वन) प्रक्रिया द्वारा बनता है। इसकी ऊर्जा क्षमता पेट्रोल से लगभग 30% तक कम होती है, इसलिए इससे गाड़ी का माइलेज थोड़ा कम हो सकता है। हालांकि इसे पर्यावरण के लिए ज्यादा साफ और अनुकूल (Environment friendly) माना जाता है क्योंकि यह जलने पर कम हानिकारक गैसें छोड़ता है। भारत सरकार प्रदूषण और कच्चे तेल का आयात (Import) घटाने के लिए अब पेट्रोल में 20% तक इथेनॉल मिलाकर बेच रही है, जिसे E20 पेट्रोल कहा जाता है।

Ethanol vs petrol

ऐसे में देखा जाए तो एथेनॉल एक विशेष प्रक्रिया द्वारा गन्ने से प्राप्त होता है, लेकिन इसे गन्ने का ज्यूस कहना सही नहीं होगा। 

क्या ethanol से गाड़ी खराब होती है?

E -20 नीति के विरोध में ऐसे कई दावे सामने आए जिनमें कहा गया कि इथेनॉल से गाड़ी खराब हुई हैं/होती हैं। लेकिन जब इनकी जांच हुई और रिपोर्ट सामने आई तो मामला उलट था। ज्यादातर खराबी contaminated fuel की वजह से थीं। 

बहुत से लोगों ने माइलेज को लेकर सवाल किया, तो experts का जवाब साफ था कि इससे माइलेज में 5-7% तक की कमी हो सकती है लेकिन पिकअप बढ़ता है, साथ ही पेट्रोल की तुलना में clean है।

ऐसे में कहा जा सकता है कि ethanol blended fuel (E-20) से vehicles खराब नहीं होते बशर्तें fuel contaminated न हो, उसमें पानी या आपके टैंक में नमी पानी बिल्कुल न हो। Otherwise आपका bike, car problem कर सकती है। 

गन्ना पर्ची कैलेंडर कैसे देखें caneup.in 

क्या UP में अब गन्ने से एथेनॉल बनाना शुरू हो चुका है?

हां, चीनी उद्योग का मुख्य प्रोडक्ट अब चीनी नहीं रहा, बल्कि एथेनॉल इसमें अब महत्वपूर्ण स्थान रखता है। सरकार की e 20 नीतियों के कारण अब पेट्रोल में 20% एथेनॉल मिलाया जा रहा है। ऐसे में ये एथेनॉल की पूर्ति कहां से होगी, क्या हैं मुख्य स्रोत?

इसका उत्तर है गन्ना, खराब अनाज इत्यादि से। उत्तर प्रदेश में गन्ना बहुतायत में पैदा होता है, ये देखते हुए अब चीनी के दौरान बने waste मैटेरियल सीरा से अब प्रदेश में एथेनॉल बनाया जा रहा है। सिर्फ इतना ही नहीं सड़े हुए अनाजों से भी इसका उत्पादन हो रहा है जिसके लिए प्रदेश में कई distilleries स्थापित की गईं हैं। 
अब ये Ethanol, पेट्रोल , फार्मा सेक्टर और शराब उद्योग में उपयोग हो रहा है, ऐसे में किसानों को उनके गन्ना का भुगतान और भी जल्दी हो सकेगा।

कैमिकल फॉर्मूला - C2H5OH 
या Ethyl Alcohol 

गन्ने के अधिक उत्पादन के लिए ज़रूर करें अभी ये 3 काम

गन्ने का अधिक उत्पादन होना किसान के लिए आज बहुत जरूरी है। क्योंकि मंहगाई के दौर में आज लागत काफी बढ़ गई है, ऐसे में ज्यादा पैदावार की इस समस्या का इलाज है। आज हम ऐसे तीन काम बताएंगे जो अभी बरसात की सीजन में गन्ने में जरूर होने चाहिए। ये हैं : 

1. गन्ने की अतिरिक्त पत्ती की कटाई 
2. गन्ने की बंधाई 
3. उपर्युक्त उर्वरक या स्प्रे का छिड़काव

1. गन्ने की अतिरिक्त पत्ती की कटाई 

गन्ने में पत्ती का काटना काफी जरूरी होता है। इससे खेत में सफाई हो जाती है और गन्ने के निचले हिस्से की अतिरिक्त पत्ती हटने से खेत में कटी हुई पत्ती सड़कर खाद का काम करती है । साथ ही गन्ने में खाद डालने में , बंधाई करने में, या निरीक्षण में मदद मिलती है। 

2. गन्ने की बंधाई 

इसकी दो विधियां हैं, कुछ जगह किसान भाई पत्ती काटकर बंधाई करते हैं, कुछ जगह बिना पत्ती काटे ही गन्ने की बंधाई की जाती है। हालांकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पत्ती काटकर बंधाई करना ज्यादा प्रचलित है। ऐसे में लोगों का ये मानना है कि गन्ना छिलाई के वक्त सुखी पत्ती (पताई) कम निकलती है और छिलाई में आसानी होती है। 

इसका मुख्य फायदा ये है कि गन्ना बंध जाने से ये गिरता नहीं है, जिससे चूहे कम लगने से पैदावार अच्छी मिलती है साथ ही पेड़ी भी अच्छी उगती है।

3. उपर्युक्त उर्वरक या स्प्रे का छिड़काव

इस समय पर (बरसात की सीजन में) गन्ने में कई तरह की बीमारियां या खरपतवार पैदा होते हैं और इनका उपयुक्त निदान तभी संभव है जब ऊपर की दोनों काम हों, अथवा कम से कम एक हुआ है। साफ खेत में आप सिर्फ urea डाल सकते हैं या इसमें iron , सल्फर डाल सकते हैं। इससे गन्ने की लंबाई में अच्छी वृद्धि देखने को मिलती है। या किसी तरह का फंगस या रोग पहचानकर उसकी दवाई लगाई जा सकती है। साथ ही खरपतवारों पर सही दवा डालकर गन्ने की पैदावार बढ़ाई जा सकती है अथवा रोगों पर नियंत्रण किया जा सकता है। 

ऐसे में उपरोक्त दोनों विधियों का फायदा ही ये तीसरी विधि अपनाना है, जो कि अधिक उत्पादन की दृष्टि से आवश्यक है। 

2027 में कौन सी गन्ना वैरायटी रहेगी कोल्हू मालिकों की फेवरेट?

हर साल हजारों टन गन्ने की पेराई कोल्हू पर होती है। साथ ही इन कोल्हू पर गन्ने के भाव भी ऊपर नीचे होते रहते हैं। इसके साथ ही अलग अलग किस्मों की कीमत भी अलग अलग लगती है। और इनमें 60-70 रु तक का फर्क रहता है। 

पिछले सीजन में Co 14201 के नाम ये रिकॉर्ड रहा । सीजन के शुरुआत से ही इसमें विशेष तेजी रही और सीजन के मध्य और अंत में कीमत 400 पार चली गई। कई जगह ये 470रु/कुंतल के थोड़ा ऊपर/नीचे रहा। जिसके कारण ऐसे किसान भाई जो अपना गन्ना कोल्हू पर डालते हैं उनके लिए ये वैरायटी वरदान साबित हुई। 

इसके अलावा अन्य वैरायटी 15023, 13235 भी ठीक ठाक रेट पर बिकी, इनमें सीधे गन्ने का दाम ज्यादा मिला। 

कोल्हू पर फैक्ट्री की तुलना में co 14201 के भाव ज्यादा होने के क्या कारण ?

इसका सीधा और मुख्य कारण कि इसमें शर्करा की मात्रा ज्यादा है 18% से भी ऊपर। ऐसे में प्रति कुंतल गन्ने से मिठाई ज्यादा निकलती है और गुड़ मार्केट में तेजी होने के कारण ये कोल्हू मालिकों की पहली पसंद रहा। साथ ही गन्ना सीधा, नर्म और बिल्कुल ठोस रहता है जिसके कारण इसे कोल्हू में डालने में आसानी रहती है। 

इसके साथ ही इस बार भी किसानों ने फैक्ट्री से ज्यादा भाव मिलने के कारण इस गन्ने की बुवाई काफी की है, और इस बार भी इस वैरायटी का जलवा बरकरार रहेगा। ऐसा हो सकता है कि सप्लाई ज्यादा होने के कारण रेट उतना high न मिले। 

यूपी भूलेख पोर्टल क्या है, इसकी लिंक

Bhulekh UP, ya UP Bhulekh दोनों एक ही हैं। ये एक बहुत ही उपयोगी पोर्टल है जिसके माध्यम से आप घर बैठे ही जमीन संबंधी जानकारी निकाल सकते हैं ।...