खसरे/गाटे का वादग्रस्त होने का मतलब है कि उस जमीन या प्लॉट (गाटा संख्या) पर कोई कानूनी विवाद, मुकदमा या कोर्ट केस चल रहा है। यह विवाद विभिन्न कारणों से हो सकता है जैसे : पारिवारिक विवाद के बाद हुए मुकदमे, स्वामित्व का विवाद , अवैध कब्जा या बिक्री, एवं सरकारी विवाद की भूमि आदि ।
वादग्रस्त (land dispute ) होने के कारण लगने वाली रोक :
बिक्री पर रोक: ऐसी जमीनों की रजिस्ट्री या बिक्री पर आमतौर पर कानूनी रोक (Stay Order) लग जाती है।
बैंक लोन नहीं मिलता: यदि आप किसी वादग्रस्त गाटे पर बैंक लोन (Home Loan या KCC) लेना चाहते हैं, तो बैंक उसे रिजेक्ट कर देगा।
नामांतरण (Mutation) रुकना: कोर्ट का फैसला आने तक सरकारी रिकॉर्ड में जमीन का दाखिल-खारिज रुक जाता है।
इसके कारण आप जब भी किसी जमीन को खरीदने की सोच रहे हैं, या खरीदने वाले हैं हमेशा पहले उसका land dispute status check कर लें otherwise आप परेशानी में पड़ सकते हैं । क्योंकि जमीन का समस्त काम महंगा होता है और समय लेता है।
साथ ही यदि आपको इस तरह की जानकारी नहीं है तो पहले किसी जानकार से भूमि के बारे में सलाह लें अथवा लेखपाल से संपर्क करें।
Land dispute status कैसे check करें?
- सबसे पहले upbhulekh.gov.in पर विजिट करें।
- Home page पर ही नीचे आने पर एक ऑप्शन दिखेगा — भूखण्ड/गाटे के वाद ग्रस्त होने की स्थिति जाने
- इसपर क्लिक करें।
- तत्पश्चात लिंक ओपन होगी, जहां आपको क्रमशः जिला, तहसील और गांव चुनना होगा। इसके बाद आप खसरा/गाटे के नम्बर से dispute status check कर सकते हैं।यहां आपको पता चल जाएगा कि भूमि पर किस तरह का कानूनी विवाद चल रहा है।

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