जैसा कि आजकल सोशल मीडिया पर चल रहा है, छोटे मोटे क्रिएटर्स ethanol पर सरकार को troll कर रहे हैं । बहुत से लोग ethanol को ganne का juice (sugarcane juice) बता रहे हैं उनके मुताबिक ये बाइक(व्हीकल्स ) को बर्बाद कर रहा है , माइलेज को घटा रहा है। लेकिन इसकी हकीकत क्या है, क्या इसे juice कहना उचित है, जानेंगे यहां ...
Ethanol के बारे में!
इसे Ethyl Alcohol के नाम से भी जाना जाता है। 100% pure Ethanol spirit है जो कि ईंधन के तौर पर काम कर सकता है। यह गन्ने के रस, मक्के और सड़े हुए अनाजों से फर्मेंटेशन (किण्वन) प्रक्रिया द्वारा बनता है। इसकी ऊर्जा क्षमता पेट्रोल से लगभग 30% तक कम होती है, इसलिए इससे गाड़ी का माइलेज थोड़ा कम हो सकता है। हालांकि इसे पर्यावरण के लिए ज्यादा साफ और अनुकूल (Environment friendly) माना जाता है क्योंकि यह जलने पर कम हानिकारक गैसें छोड़ता है। भारत सरकार प्रदूषण और कच्चे तेल का आयात (Import) घटाने के लिए अब पेट्रोल में 20% तक इथेनॉल मिलाकर बेच रही है, जिसे E20 पेट्रोल कहा जाता है।
ऐसे में देखा जाए तो एथेनॉल एक विशेष प्रक्रिया द्वारा गन्ने से प्राप्त होता है, लेकिन इसे गन्ने का ज्यूस कहना सही नहीं होगा।
क्या ethanol से गाड़ी खराब होती है?
E -20 नीति के विरोध में ऐसे कई दावे सामने आए जिनमें कहा गया कि इथेनॉल से गाड़ी खराब हुई हैं/होती हैं। लेकिन जब इनकी जांच हुई और रिपोर्ट सामने आई तो मामला उलट था। ज्यादातर खराबी contaminated fuel की वजह से थीं।
बहुत से लोगों ने माइलेज को लेकर सवाल किया, तो experts का जवाब साफ था कि इससे माइलेज में 5-7% तक की कमी हो सकती है लेकिन पिकअप बढ़ता है, साथ ही पेट्रोल की तुलना में clean है।
ऐसे में कहा जा सकता है कि ethanol blended fuel (E-20) से vehicles खराब नहीं होते बशर्तें fuel contaminated न हो, उसमें पानी या आपके टैंक में नमी पानी बिल्कुल न हो। Otherwise आपका bike, car problem कर सकती है।

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