सरकार की E 20 पॉलिसी के कारण अब पेट्रोल में 20% एथेनॉल blend किया जा रहा है। हालांकि पहले भी e 5 , और e 10 जैसे blend के साथ पेट्रोल आता था। लेकिन जब से इस ब्लेंडिंग % को increase किया गया है, तब से E 20 चर्चा का विषय बन गया है।
क्यों बना चर्चा का विषय E-20?
बहुत से लोगों ने मुख्यता विपक्ष ने इसपर बहुत जोर दिया कि e 20 आपके बाइक ,कार को बर्बाद कर रहा है और माइलेज में बड़ा ड्रॉप है। कुछ बड़े youtubers ने ये तक कह दिया कि माइलेज में बहुत ज्यादा कमी आई है 10-12KMPL से 5-6KMPL । साथ ही कई ने बाइक, कार के इंजन में कमी आने का दावा किया था।
क्या है असली वजह fuel रिलेटेड ?
कंपनीज का कहना है कि माइलेज में कमी आएगी जो 5-7% तक सीमित होगी, जबकि लोग 25-50% तक कमी का दावा ठोक रहे थे। जो कि बिल्कुल भी पॉसिबल नहीं है। जबकि bike, car के engine, pump में कमी का मुख्य कारण E 20 fuel नहीं बल्कि Contaminated fuel है। जो एक valid reason है जिसे सरकार और कंपनी ने जांच के बाद बताया। Ethanol से गाड़ी खराब नहीं होती जैसा कि विदेशों में इतनी या इससे भी ज्यादा ब्लेंडिंग हो रही है। दूषित फ्यूल इसका कारण है, क्योंकि अब कंपनिया e 20 compatibility के साथ अपने व्हीकल्स लॉन्च कर रही हैं।
साथ ही पुरानी बाइक्स जो BS IV वाली हैं, वो भी proper work कर रही हैं। जैसा कि हम सब उनका उपयोग कर ही रहे हैं। इसके लिए कोई अलग प्रयोग करने की जरूरत नहीं।
क्या है Contaminated fuel? दूषित पेट्रोल
पेट्रोल में मुख्यता जो समस्या है वो नमी/पानी को लेकर है। पेट्रोल पानी में नहीं मिलता लेकिन एथेनॉल पानी में मिल जाता है। कई बार हमारे वाहन के पेट्रोल टैंक में पानी चला जाता है, या पेट्रोल पंप पर भी नमी इसके अंदर जा सकती है। ऐसे में अब जो ये fuel है, वो Contaminated fuel है। ये अब वाहन में दहन को प्रभावित करेगा। कम नमी के कारण सिर्फ झटके, या pickup loose हो सकता है या ज्यादा नमी/पानी पहुंच जाने पर बाइक बंद भी पड़ सकती है, जिसे आपको मैकेनिक को दिखाना पड़ सकता है।
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