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क्या Caneup supply ticket expire होने के बाद दोबारा जारी होता है?

हां, गन्ना किसानों को ये सुविधा दी गई है कि अगर किसी कारणवश वो अपना गन्ना सप्लाई नहीं कर पाए हैं तो उन्हें वो सप्लाई टिकट फिर से issue किया जाता है। लेकिन इसका एक detailed process होता है।

पर्ची expire होने के बाद 3 बार जारी होती है, expire हुई पर्ची।

पहले किसान को गन्ना पर्ची जारी की जाती है। इसके बाद वो कुछ दिन के बाद expire हो जाती है, इसके बाद वह फिर से जारी होती है, गन्ना supply नहीं होने पर वह फिर से expire हो जाती है, ऐसा तीन बार होता है। और फिर वह दोबारा ऑटोमैटिक नहीं जारी होती।

बल्कि अब किसान भाई चाहे तो अपनी इच्छा अनुसार उसमें option भरकर date चुन सकते हैं। इसके लिए e ganna app में revalidate hayal purchy का ऑप्शन दिया रहता है। यहीं से किसान भाई को जरूरी जानकारी भरनी होती है जिससे expire पर्ची एक बार फिर से तय दिनांक पर जारी हो सके।

ध्यान दें , पर्ची एक्सपायरी और दोबारा जारी होने के नियम फैक्ट्री अनुसार अलग हो सकते हैं। ऐसे में अपने गन्ना ग्राम सेवक से अधिक जानकारी लें।

गन्ना सप्लाई टिकट में FTN/COL क्या है?

किसान भाई इसे भली भांति जानते हैं लेकिन फैक्ट्री द्वारा जारी पर्ची पर FTN/COL देखकर कई लोगों को ये उलझा सकता है। साथ ही गन्ना कैलेंडर भी इसी यूनिट के आधार पर डिजाइन किया गया है। 

Cane up ftn/col kya hai?

गन्ना कैलेंडर में जो ऊर्ध्वादर खाने (vertical) होते हैं वो हैं : colomn (short में COL)

गन्ना कैलेंडर में जो क्षैतिज खाने (horizontal) होते हैं वो हैं  : फ़ोर्टनाइट (शॉर्ट में FTN) 

एक fortnight में 15 कॉलम होते हैं। और पूरे कैलेंडर में 12 fortnight होती हैं।

FTN/COL : fortnight/colomn

इसी तरह जब गन्ना की पर्ची जारी की जाती है जिसके आधार पर किसान फैक्ट्री को गन्ना सप्लाई करता है उसपर भी ये दिया रहता है जिसका मतलब है कि पर्ची इस फोर्टनाइट के इस कॉलम की है।

जैसे कि : FTN/col - 1/4, 1/1, 12/15, 3/15 etc। 

गन्ना सर्वे में गड़बड़ी है! ऐसे होगा सुधार।

उत्तर प्रदेश राज्य का गुड़ उत्पादन में कौन सा स्थान है?

उत्तर प्रदेश में गुड़ एक बहुत ही जाने मानी मिठाई है, जिसे सामान्यतः गन्ने की मिठाई के तौर पर जाना जाता है। UP का गुड़ उत्पादन में स्थान पूरे देश में प्रथम है। गुड़ ही नहीं चीनी उत्पादन में भी अब UP NO. 1 है । 

देश के कुल गुड़ उत्पादन में उत्तर प्रदेश का लगभग 48.5 प्रतिशत योगदान है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश का मुजफ्फरनगर जिला गुड़ उत्पादन में सबसे आगे है और यहाँ एशिया की सबसे बड़ी गुड़ मंडी स्थित है। राज्य सरकार ने मुजफ्फरनगर के गुड़ को 'एक जिला एक उत्पाद' (ODOP) योजना में शामिल किया है।

ODOP means : one district one product (एक जिला एक उत्पाद)

राज्य सरकार की नई खांडसारी नीति के कारण खांडसारी इकाइयों की संख्या में वृद्धि हुई है। साथ ही पिछले कुछ वर्षों में गुड़ का मार्केट अच्छा रहने से ये इकाइयां काफी लाभान्वित हुई हैं जिनका लाभ किसान भाईयों को भी मिला है।

यूपी में कोल्हू कब से करते हैं गन्ने की पेराई शुरू?

यूपी अपने गुड़ उत्पादन के लिए जाना जाता है , जिसका स्थान भारत में प्रथम है। उत्तर प्रदेश का गुड़ (गन्ने की मिठाई) सिर्फ यूपी में ही नहीं बल्कि देश के अन्य राज्यों में साथ ही विदेशों में भी निर्यात की जाती है। 

Normally, यूपी में sugar mills cane crushing को October के end और November के first week में start करती हैं। But इसके उलट खांडसारी units (कोल्हू) mills से पहले ही start हो जाती हैं। अगर मौसम सही रहे तो कोल्हू cane crushing का काम october के first week में ही start कर देते हैं। 

जल्दी कोल्हू स्टार्ट होने का क्या फायदा मिलता है किसानों को?

बहुत से किसान ऐसे होते हैं जिनका गन्ना किसी कारणवश उतना अच्छा नहीं हो पाता , या फसल बर्बाद हो चुकी होती है। ऐसे में उनके पास एक ऑप्शन यही होता है कि वो अपना गन्ना इन कोल्हू पर जल्दी बेच देते हैं जिससे उनका खेत खाली हो जाता है। इस खाली खेत में अब लाही (रबी की फसलें) या अक्टूबर स्वयं गन्ने के साथ सह-फसली के तौर पर बुवाई कर सकते हैं। 

गन्ना सर्वे डाटा में गलती होने पर क्या करें?

Caneup Satta प्रदर्शन का काम गांव गांव जाकर किया जा रहा है, जिसमें किसान भाई बढ़ चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। साथ ही सट्टा प्रदर्शन गन्ना समितियों में भी आयोजन किए जा रहे हैं । 

लेकिन क्यों होते हैं satta प्रदर्शन? 

इसका जवाब है कि विभाग और किसानों के मध्य survey data को लेकर पारदर्शिता। साथ ही अगर सर्वे को लेकर कोई गलती हो गई है, तो किसान भाई उसकी शिकायत कर सकते हैं और संबंधित कार्मिक/समिति उस सुधार के लिए त्वरित कार्यवाही कर समस्या का हल करेंगे। 

Survey data में गलती होने पर शिकायत कहां होगी?

इसके लिए आप उस कर्मचारी को तुरंत सूचित कर सकते हैं, जिसने आपको satta दिखाया है। अगर हल नहीं निकलता है तो आप गन्ना समिति जाकर लिखित में शिकायत करेंगें। लेकिन यदि फिर भी कोई बात न बने तो आप गन्ना विभाग के toll free number पर contact कर सकते हैं ।

घोषणा पत्र में क्या जानकारी भरी जाती है, क्यों है गन्ना किसानों के लिए जरूरी?

घोषणा पत्र भरने का काम अभी चल रहा है। पहले ये offline होता था लेकिन अब ये ऑनलाइन होता है जिसे आप किसी भी jan sewa Kendra पर जाकर भरवा सकते हैं। ये एक अनिवार्य काम है जिसकी उपयोगिता सिर्फ गन्ना किसान ही समझ सकते हैं। 

घोषणा पत्र में गन्ने के रकवा की एकदम दुरुस्त जानकारी देनी होती है जिसके लिए आपको plot number (khatauni द्वारा) की आवश्यकता होती है, साथ में इसमें हिस्सेदारों और रकवा का भरते समय पूरा ध्यान रखा जाता है

फिलहाल कोई चाहे तो हर साल घोषणा पत्र भर सकता है लेकिन आप चाहे तो हर साल नहीं भी भर सकते हैं लेकिन नए सट्टे पर इसे जरूर भरना होता है। 

घोषणा पत्र भरने के लिए आधिकारिक साइट : केनअप.इन

Enquiry.caneup.in Ganna Purchi Calendar 2026 2027 kahan dekhe?

पेराई सत्र 2026 27 शुरू होने में अभी लगभग 2 महीने बाकी हैं। लेकिन इस सीजन में आप गन्ना पर्ची कैलेंडर कहां देखेंगे? 

इसका जवाब इस पोस्ट में है ; आप पिछले सालों की तरह इस बार भी अपना सट्टा डाटा जैसे ganna purchi calendar 2026 2027 देख पाएंगे। इसके लिए विभाग द्वारा एक पोर्टल caneup.in जारी किया गया है साथ ही आप e ganna app के माध्यम से भी same जानकारी बस कुछ second में ले सकेंगे। 

केन यूपी का ऑफिशियल पोर्टल : enquiry.caneup.in/

Ganna Purchi kaise dekhein caneup.in se

गन्ने के अधिक उत्पादन के लिए ज़रूर करें अभी ये 3 काम

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