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गन्ने के अधिक उत्पादन के लिए ज़रूर करें अभी ये 3 काम

गन्ने का अधिक उत्पादन होना किसान के लिए आज बहुत जरूरी है। क्योंकि मंहगाई के दौर में आज लागत काफी बढ़ गई है, ऐसे में ज्यादा पैदावार की इस समस्या का इलाज है। आज हम ऐसे तीन काम बताएंगे जो अभी बरसात की सीजन में गन्ने में जरूर होने चाहिए। ये हैं : 

1. गन्ने की अतिरिक्त पत्ती की कटाई 
2. गन्ने की बंधाई 
3. उपर्युक्त उर्वरक या स्प्रे का छिड़काव

1. गन्ने की अतिरिक्त पत्ती की कटाई 

गन्ने में पत्ती का काटना काफी जरूरी होता है। इससे खेत में सफाई हो जाती है और गन्ने के निचले हिस्से की अतिरिक्त पत्ती हटने से खेत में कटी हुई पत्ती सड़कर खाद का काम करती है । साथ ही गन्ने में खाद डालने में , बंधाई करने में, या निरीक्षण में मदद मिलती है। 

2. गन्ने की बंधाई 

इसकी दो विधियां हैं, कुछ जगह किसान भाई पत्ती काटकर बंधाई करते हैं, कुछ जगह बिना पत्ती काटे ही गन्ने की बंधाई की जाती है। हालांकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पत्ती काटकर बंधाई करना ज्यादा प्रचलित है। ऐसे में लोगों का ये मानना है कि गन्ना छिलाई के वक्त सुखी पत्ती (पताई) कम निकलती है और छिलाई में आसानी होती है। 

इसका मुख्य फायदा ये है कि गन्ना बंध जाने से ये गिरता नहीं है, जिससे चूहे कम लगने से पैदावार अच्छी मिलती है साथ ही पेड़ी भी अच्छी उगती है।

3. उपर्युक्त उर्वरक या स्प्रे का छिड़काव

इस समय पर (बरसात की सीजन में) गन्ने में कई तरह की बीमारियां या खरपतवार पैदा होते हैं और इनका उपयुक्त निदान तभी संभव है जब ऊपर की दोनों काम हों, अथवा कम से कम एक हुआ है। साफ खेत में आप सिर्फ urea डाल सकते हैं या इसमें iron , सल्फर डाल सकते हैं। इससे गन्ने की लंबाई में अच्छी वृद्धि देखने को मिलती है। या किसी तरह का फंगस या रोग पहचानकर उसकी दवाई लगाई जा सकती है। साथ ही खरपतवारों पर सही दवा डालकर गन्ने की पैदावार बढ़ाई जा सकती है अथवा रोगों पर नियंत्रण किया जा सकता है। 

ऐसे में उपरोक्त दोनों विधियों का फायदा ही ये तीसरी विधि अपनाना है, जो कि अधिक उत्पादन की दृष्टि से आवश्यक है। 

2027 में कौन सी गन्ना वैरायटी रहेगी कोल्हू मालिकों की फेवरेट?

हर साल हजारों टन गन्ने की पेराई कोल्हू पर होती है। साथ ही इन कोल्हू पर गन्ने के भाव भी ऊपर नीचे होते रहते हैं। इसके साथ ही अलग अलग किस्मों की कीमत भी अलग अलग लगती है। और इनमें 60-70 रु तक का फर्क रहता है। 

पिछले सीजन में Co 14201 के नाम ये रिकॉर्ड रहा । सीजन के शुरुआत से ही इसमें विशेष तेजी रही और सीजन के मध्य और अंत में कीमत 400 पार चली गई। कई जगह ये 470रु/कुंतल के थोड़ा ऊपर/नीचे रहा। जिसके कारण ऐसे किसान भाई जो अपना गन्ना कोल्हू पर डालते हैं उनके लिए ये वैरायटी वरदान साबित हुई। 

इसके अलावा अन्य वैरायटी 15023, 13235 भी ठीक ठाक रेट पर बिकी, इनमें सीधे गन्ने का दाम ज्यादा मिला। 

कोल्हू पर फैक्ट्री की तुलना में co 14201 के भाव ज्यादा होने के क्या कारण ?

इसका सीधा और मुख्य कारण कि इसमें शर्करा की मात्रा ज्यादा है 18% से भी ऊपर। ऐसे में प्रति कुंतल गन्ने से मिठाई ज्यादा निकलती है और गुड़ मार्केट में तेजी होने के कारण ये कोल्हू मालिकों की पहली पसंद रहा। साथ ही गन्ना सीधा, नर्म और बिल्कुल ठोस रहता है जिसके कारण इसे कोल्हू में डालने में आसानी रहती है। 

इसके साथ ही इस बार भी किसानों ने फैक्ट्री से ज्यादा भाव मिलने के कारण इस गन्ने की बुवाई काफी की है, और इस बार भी इस वैरायटी का जलवा बरकरार रहेगा। ऐसा हो सकता है कि सप्लाई ज्यादा होने के कारण रेट उतना high न मिले। 

SMS से भी प्राप्त होगी ganna purchy 2027

ऐसे बहुत से किसान भाई हैं जिनके पास स्मार्टफोन नहीं होता। ऐसे में गन्ना पर्ची जारी होने की सूचना सही समय पर प्रदान करने के लिए गन्ना विभाग ने SMS भेजने की सेवा शुरू की है।

इसमें किसान भाई को उसके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक sms प्राप्त होता है, जब कभी उसके ganna satta पर supply ticket जारी होता है। ऐसे में सही समय पर सूचना प्राप्त होने पर किसान अपना गन्ना तय समय सीमा में फैक्ट्री को सप्लाई करता है।

Factory की ओर से मैसेज तब आता है जब कोई भी पर्ची इश्यू होती है। इस sms ganna purchy में UGC, Farmer code, village code, supply ticket number, issue date, despatch date etc दे रखी होती है। जिसमें सप्लाई टिकट नंबर और despatch date, farmer code , village code बहुत अहम होती हैं जिन्हें आपको एक सादे कागज़ पर नोट करके फैक्ट्री गेट पर देनी होती हैं।

गन्ना पर्ची expire, क्या करें?

उ• प्र• गन्ना भुगतान कैसे चेक करे?

अब ऑनलाइन भुगतान रिकॉर्ड चेक कर सकते हैं। इसके लिए UP cane department ने एक पोर्टल की व्यवस्था कर दी है जिसपर विजिट कर आपको सारी जानकारी मिल जाएगी।

सबसे पहले ऑफिशियल वेबसाइट पर विजिट करें ।

Cane UP payment

Home page पर आपको कुछ ऑप्शन सिलेक्ट करने हैं। जिसमें district, society और factory को चुनना है। इसके बाद जिस date से जिस date तक का cane payment check करना है उसे भरें। फिर view बटन पर क्लिक करें।

अब आपको सामने एक बहुत लंबी लिस्ट आती है। यहां फैक्ट्री से जुड़े समस्त गांव और किसानों की सूची होती है जो direct ही show होगी। ऐसे में इसे आप कंप्यूटर पर विशेष सॉफ्टवेयर के through देख सकते हैं। फोन में इतनी लंबी लिस्ट को चेक कर पाना पॉसिबल नहीं है। क्योंकि इसमें पहले गांव/पंचायत चुनने का ऑप्शन नहीं आता।

Sugarcane payment का पिछला रिकॉर्ड कहां मिलेगा, कैसे देखें?

गन्ना किसानों के लिए गन्ने का समय पर भुगतान न होना एक बड़ी समस्या रही है। आज भी कई सारी मिलें हैं जिन्होंने पिछली गन्ना खरीद का भुगतान नहीं किया है, जिसमें बहुत सारी मिलें लगभग बंद हैं या काम करना बंद कर चुकी हैं। भविष्य में वो चलेंगी या नहीं इसकी भी कोई उम्मीद नहीं है। ऐसे में किसान भाईयों को पिछला payment न मिलना सिरदर्दी बन गया है। 

ऐसे में पिछला रिकॉर्ड दुरुस्त रखने के लिए यूपी के गन्ना विभाग ने एक अलग पोर्टल की व्यवस्था की है जहां कोई भी किसान भाई अपने पेमेंट की जानकारी ले सकता है, कितना गन्ना भुगतान उसे हो चुका है और कितना बाकी रह गया है, सारा डाटा इस पोर्टल पर उपलब्ध है।


इस पोर्टल पर आपको simply कुछ जानकारी भरनी है जैसे :
District 
Society 
Factory 
And date (जहां से जहां तक का रिकॉर्ड देखना है)

इसके बाद आपके सामने लिस्ट आएगी जहां आप अपना गांव इत्यादि सिलेक्ट कर सकते हैं। 

गन्ना ग्राम सेवक कौन होता है, उसके क्या काम हैं?

गन्ना ग्राम सेवक , जिसे गन्ना पर्यवेक्षक भी कहा जाता है, आधिकारिक भाषा में।

गन्ना ग्राम सेवक गांव के किसानों और फैक्ट्री के बीच की कड़ी है। ये फील्ड लेवल का कर्मचारी है जो सीधे किसानों के संपर्क में रहता है। इनके प्रमुख काम हैं -
  • गन्ने के रकवा की सर्वे करना,
  • किसानों को नए प्रजातियों के विषय में जानकारी देना।
  • बुवाई के सही तरीकों (वैज्ञानिक तरीकों) से अवगत कराना।
  • फैक्ट्री की ओर से प्रदान की जाने वाली दवाइयां और बीज किसानों तक पहुंचाना।
  • किसानों के गन्ना सट्टा संबंधी काम दुरुस्त कराना, नए खातों के लिए आवेदन।
  • गन्ने से जुड़ी बीमारियों से अवगत कराना और समय पूर्व किसान भाइयों को सूचित करना।
  • किसानों को अधिक से अधिक गन्ना उत्पादन के लिए प्रेरित करना आदि। 

E-Ganna App Revalidate Hayal Purchy Option Kya Hai?

यदि आप e ganna app 2027 का इस्तेमाल गन्ना पर्ची कैलेंडर देखने के लिए कर रहे हैं तो आपने इसमें एक ऑप्शन देखा होगा : Revalidate Hayal Purchy । आखिर इस ऑप्शन का क्या महत्व होता है ? शायद ही आपने कभी इसके बारे में सोचा होगा।

 दरअसल में ये बहुत ही उपयोगी है, क्योंकि जब भी आपकी गन्ना पर्ची expire हो जाती है और अब वो ऑटोमैटिक जारी नहीं सकती। लेकिन अब भी आप चाहे तो अपनी मनचाही तिथि के अनुसार revalid करा सकते हैं। इसके लिए आपको जरूरी है ये  Revalidate Hayal Purchy ऑप्शन। 

कहां दिखेगा ऐप में ये ऑप्शन?

App में login कर लेने पर आपको farmer dashboard पर सभी महत्वपूर्ण जानकारी मौजूद रहती है । इस डैशबोर्ड के टॉप पर three dot दिखेगा।

इसपर क्लिक करें । 

क्लिक करते ही कई सर्विस show होंगी, इसमें से एक है Revalidate Hayal Purchy। जो तीसरे नंबर पर मौजूद रहेगा। इसपर क्लिक करें।

अब बस आपको कुछ जरूरी जानकारी भरनी है जैसे : supply ticket number, dispatch date (खुद तय करें) , इसके साथ ही identity verification के लिए bank या aadhaar के last के 4 digit भरकर submit करे। 

इस तरह ये प्रक्रिया पूरी होती है। लेकिन ध्यान दें इससे संबंधित जानकारी अपने गन्ना ग्राम सेवक से लें।

क्या Caneup supply ticket expire होने के बाद दोबारा जारी होता है?

हां, गन्ना किसानों को ये सुविधा दी गई है कि अगर किसी कारणवश वो अपना गन्ना सप्लाई नहीं कर पाए हैं तो उन्हें वो सप्लाई टिकट फिर से issue किया जाता है। लेकिन इसका एक detailed process होता है।

पर्ची expire होने के बाद 3 बार जारी होती है, expire हुई पर्ची।

पहले किसान को गन्ना पर्ची जारी की जाती है। इसके बाद वो कुछ दिन के बाद expire हो जाती है, इसके बाद वह फिर से जारी होती है, गन्ना supply नहीं होने पर वह फिर से expire हो जाती है, ऐसा तीन बार होता है। और फिर वह दोबारा ऑटोमैटिक नहीं जारी होती।

बल्कि अब किसान भाई चाहे तो अपनी इच्छा अनुसार उसमें option भरकर date चुन सकते हैं। इसके लिए e ganna app में revalidate hayal purchy का ऑप्शन दिया रहता है। यहीं से किसान भाई को जरूरी जानकारी भरनी होती है जिससे expire पर्ची एक बार फिर से तय दिनांक पर जारी हो सके।

ध्यान दें , पर्ची एक्सपायरी और दोबारा जारी होने के नियम फैक्ट्री अनुसार अलग हो सकते हैं। ऐसे में अपने गन्ना ग्राम सेवक से अधिक जानकारी लें।

गन्ना सप्लाई टिकट में FTN/COL क्या है?

किसान भाई इसे भली भांति जानते हैं लेकिन फैक्ट्री द्वारा जारी पर्ची पर FTN/COL देखकर कई लोगों को ये उलझा सकता है। साथ ही गन्ना कैलेंडर भी इसी यूनिट के आधार पर डिजाइन किया गया है। 

Cane up ftn/col kya hai?

गन्ना कैलेंडर में जो ऊर्ध्वादर खाने (vertical) होते हैं वो हैं : colomn (short में COL)

गन्ना कैलेंडर में जो क्षैतिज खाने (horizontal) होते हैं वो हैं  : फ़ोर्टनाइट (शॉर्ट में FTN) 

एक fortnight में 15 कॉलम होते हैं। और पूरे कैलेंडर में 12 fortnight होती हैं।

FTN/COL : fortnight/colomn

इसी तरह जब गन्ना की पर्ची जारी की जाती है जिसके आधार पर किसान फैक्ट्री को गन्ना सप्लाई करता है उसपर भी ये दिया रहता है जिसका मतलब है कि पर्ची इस फोर्टनाइट के इस कॉलम की है।

जैसे कि : FTN/col - 1/4, 1/1, 12/15, 3/15 etc। 

गन्ना सर्वे में गड़बड़ी है! ऐसे होगा सुधार।

उत्तर प्रदेश राज्य का गुड़ उत्पादन में कौन सा स्थान है?

उत्तर प्रदेश में गुड़ एक बहुत ही जाने मानी मिठाई है, जिसे सामान्यतः गन्ने की मिठाई के तौर पर जाना जाता है। UP का गुड़ उत्पादन में स्थान पूरे देश में प्रथम है। गुड़ ही नहीं चीनी उत्पादन में भी अब UP NO. 1 है । 

देश के कुल गुड़ उत्पादन में उत्तर प्रदेश का लगभग 48.5 प्रतिशत योगदान है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश का मुजफ्फरनगर जिला गुड़ उत्पादन में सबसे आगे है और यहाँ एशिया की सबसे बड़ी गुड़ मंडी स्थित है। राज्य सरकार ने मुजफ्फरनगर के गुड़ को 'एक जिला एक उत्पाद' (ODOP) योजना में शामिल किया है।

ODOP means : one district one product (एक जिला एक उत्पाद)

राज्य सरकार की नई खांडसारी नीति के कारण खांडसारी इकाइयों की संख्या में वृद्धि हुई है। साथ ही पिछले कुछ वर्षों में गुड़ का मार्केट अच्छा रहने से ये इकाइयां काफी लाभान्वित हुई हैं जिनका लाभ किसान भाईयों को भी मिला है।

यूपी में कोल्हू कब से करते हैं गन्ने की पेराई शुरू?

यूपी अपने गुड़ उत्पादन के लिए जाना जाता है , जिसका स्थान भारत में प्रथम है। उत्तर प्रदेश का गुड़ (गन्ने की मिठाई) सिर्फ यूपी में ही नहीं बल्कि देश के अन्य राज्यों में साथ ही विदेशों में भी निर्यात की जाती है। 

Normally, यूपी में sugar mills cane crushing को October के end और November के first week में start करती हैं। But इसके उलट खांडसारी units (कोल्हू) mills से पहले ही start हो जाती हैं। अगर मौसम सही रहे तो कोल्हू cane crushing का काम october के first week में ही start कर देते हैं। 

जल्दी कोल्हू स्टार्ट होने का क्या फायदा मिलता है किसानों को?

बहुत से किसान ऐसे होते हैं जिनका गन्ना किसी कारणवश उतना अच्छा नहीं हो पाता , या फसल बर्बाद हो चुकी होती है। ऐसे में उनके पास एक ऑप्शन यही होता है कि वो अपना गन्ना इन कोल्हू पर जल्दी बेच देते हैं जिससे उनका खेत खाली हो जाता है। इस खाली खेत में अब लाही (रबी की फसलें) या अक्टूबर स्वयं गन्ने के साथ सह-फसली के तौर पर बुवाई कर सकते हैं। 

गन्ना सर्वे डाटा में गलती होने पर क्या करें?

Caneup Satta प्रदर्शन का काम गांव गांव जाकर किया जा रहा है, जिसमें किसान भाई बढ़ चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। साथ ही सट्टा प्रदर्शन गन्ना समितियों में भी आयोजन किए जा रहे हैं । 

लेकिन क्यों होते हैं satta प्रदर्शन? 

इसका जवाब है कि विभाग और किसानों के मध्य survey data को लेकर पारदर्शिता। साथ ही अगर सर्वे को लेकर कोई गलती हो गई है, तो किसान भाई उसकी शिकायत कर सकते हैं और संबंधित कार्मिक/समिति उस सुधार के लिए त्वरित कार्यवाही कर समस्या का हल करेंगे। 

Survey data में गलती होने पर शिकायत कहां होगी?

इसके लिए आप उस कर्मचारी को तुरंत सूचित कर सकते हैं, जिसने आपको satta दिखाया है। अगर हल नहीं निकलता है तो आप गन्ना समिति जाकर लिखित में शिकायत करेंगें। लेकिन यदि फिर भी कोई बात न बने तो आप गन्ना विभाग के toll free number पर contact कर सकते हैं ।

घोषणा पत्र में क्या जानकारी भरी जाती है, क्यों है गन्ना किसानों के लिए जरूरी?

घोषणा पत्र भरने का काम अभी चल रहा है। पहले ये offline होता था लेकिन अब ये ऑनलाइन होता है जिसे आप किसी भी jan sewa Kendra पर जाकर भरवा सकते हैं। ये एक अनिवार्य काम है जिसकी उपयोगिता सिर्फ गन्ना किसान ही समझ सकते हैं। 

घोषणा पत्र में गन्ने के रकवा की एकदम दुरुस्त जानकारी देनी होती है जिसके लिए आपको plot number (khatauni द्वारा) की आवश्यकता होती है, साथ में इसमें हिस्सेदारों और रकवा का भरते समय पूरा ध्यान रखा जाता है

फिलहाल कोई चाहे तो हर साल घोषणा पत्र भर सकता है लेकिन आप चाहे तो हर साल नहीं भी भर सकते हैं लेकिन नए सट्टे पर इसे जरूर भरना होता है। 

घोषणा पत्र भरने के लिए आधिकारिक साइट : केनअप.इन

Enquiry.caneup.in Ganna Purchi Calendar 2026 2027 kahan dekhe?

पेराई सत्र 2026 27 शुरू होने में अभी लगभग 2 महीने बाकी हैं। लेकिन इस सीजन में आप गन्ना पर्ची कैलेंडर कहां देखेंगे? 

इसका जवाब इस पोस्ट में है ; आप पिछले सालों की तरह इस बार भी अपना सट्टा डाटा जैसे ganna purchi calendar 2026 2027 देख पाएंगे। इसके लिए विभाग द्वारा एक पोर्टल caneup.in जारी किया गया है साथ ही आप e ganna app के माध्यम से भी same जानकारी बस कुछ second में ले सकेंगे। 

केन यूपी का ऑफिशियल पोर्टल : enquiry.caneup.in/

Ganna Purchi kaise dekhein caneup.in se

Cane UP Helpline Number Kya Hai?

हेल्पलाइन नंबर एक महत्वपूर्ण सुविधा है जो UP के गन्ना विभाग द्वारा किसानों के हित के लिए चलाई गई है। इस हेल्पलाइन नम्बर के माध्यम से किसान भाई अपनी किसी भी असुविधा की शिकायत कर सकते हैं, जिसका त्वरित निदान करना विभाग और संबंधित मिल/सोसायटी की जिम्मेदारी होगी। 

शिकायत का विषय गन्ना सट्टा से जुड़ा कोई भी हो सकता है जैसे survey से संबंधित, गन्ना पर्ची से संबंधित इत्यादि।

Helpline number : 1800-121-3203

Caneup.in ganna purchi calendar kaise dekhe?

October ya November, ganna factory kab se chalengi?

हर साल यूपी की गन्ना फैक्ट्रियां October माह के अंत में या नवम्बर के पहले सप्ताह में पेराई शुरू कर देती हैं। लेकिन इस साल किसान भाइयों के मन में ये सवाल है दिवाली के त्योहार को लेकर। 

अक्सर फैक्ट्रियों के चालू होने का फैक्टर दीपावली त्योहार को माना जाता है लेकिन इस बार दीपावली का त्योहार थोड़ा आगे होने के कारण लोगों को ऐसा लग रहा है कि इस बार गन्ना फैक्ट्रियां थोड़ा late काम शुरू करेंगी। 

लेकिन अगर ऐसा हुआ तो फैक्ट्री काफी late हो जायेंगी जो कि 15 नवम्बर के बाद की date लगेंगी। ऐसा भी हो सकता है कि इसके विपरीत फैक्ट्री पेराई की तारीख काफी पहले भी लगा दें जो 20 अक्टूबर के आसपास हो। हालांकि इसके बारे में कोई पुष्ट खबर नहीं है, ये सिर्फ एक अनुमान है। 

Cane crushing season 2027

इस साल दीपावली से जुड़ी महत्वपूर्ण तिथियां 

ये गूगल पर कुछ और मोबाइल ऐप पर कुछ और हैं।

मोबाइल कैलेंडर के अनुसार 

6 नवम्बर : धन तेरस 

7 नवम्बर : नरक चतुर्दशी 

8 नवम्बर : दीपावली

9 नवंबर : गोवर्धन पूजा

11 नवम्बर : भाई दूज 

SGK portal क्या है? इसका पूरा नाम और उपयोग

SGK portal जिसका पूरा नाम है: smart ganna kisan.

Poral का URL : https://enquiry.caneup.in/

इस पोर्टल को गन्ना विभाग द्वारा फैक्ट्री और किसानों के मध्य पारदर्शिता लाने हेतु लॉन्च किया गया है। इस पोर्टल का एड्रेस ऊपर दिया गया है, जिसपर कोई भी किसान भाई विजिट करके अपने farmer code और village code के जरिए सट्टा जानकारी जैसे पर्ची, कैलेंडर, सर्वे , पेमेंट आदि को चेक कर सकेगा।

ये पोर्टल किसानों के लिए बेहद मददगार साबित हुआ है। इससे सिर्फ पारदर्शिता ही नहीं बढ़ी है बल्कि किसान को सही समय पर टिकट जारी होने की जानकारी मिलती है, जिससे किसान सही समय पर अपना गन्ना फैक्ट्री को सप्लाई करना सुनिश्चित करता है।

Caneup.in पर सट्टा प्रदर्शन कैसे करें। 

E ganna app में कब से show होगा supply ticket का fatwara

E ganna app हो या caneup portal, ganna satta पर पर्चियों का फटबारा crushing season शुरू होने के बस कुछ ही दिन पहले ही show होता है। 

इसमें अगर आपकी फैक्ट्री मध्य नवम्बर में शुरू हो रही है, तो आपको e ganna app में पर्चियों का फटबारा शुरू नवम्बर में show होने लगेगा। 

लेकिन इसे आप पहले ही जांच लें और कोई कमी होने पर गन्ना सोसाइटी जाकर शिकायत करें। अन्यथा आपको सप्लाई टिकट जारी होने में समस्या आ सकती है। 

E ganna app में गन्ना पर्ची (supply ticket)कैसे देखें।

कब से शुरू होगा cane crushing season 2026-2027

प्रदेश की चीनी मिलों में अभी साफ सफाई और मरम्मत का काम चल रहा है, हालांकि sugar mills अपना मरम्मत काम तेजी से पूरा कर रही हैं। लेकिन अगर बात पेराई शुरू करने की करें तो ये काम अभी दूर है उम्मीद है कि इस बार ज्यादातर मिलें थोड़ी देर से शुरू हो सकती हैं जो मध्य नवंबर भी हो सकता है। 

सट्टा पर कितनी सर्वे लगी है , ऐसे देखें

Ganna satta survey 2027

सट्टा प्रदर्शन का काम गांव गांव पहुंचकर कामदारों द्वारा कराया जा रहा है। इसमें आप ये चेक कर सकते हैं कि आपकी कितने रकवा की सर्वे हुई है, जिसमें कितनी पेड़ी है और कितना पौधा। 

इसके अलावा आप caneup website और e ganna app का इस्तेमाल भी गन्ना सर्वे देखने में कर सकते हैं।

गन्ना survey दिखने का तरीका  

गन्ने के अधिक उत्पादन के लिए ज़रूर करें अभी ये 3 काम

गन्ने का अधिक उत्पादन होना किसान के लिए आज बहुत जरूरी है। क्योंकि मंहगाई के दौर में आज लागत काफी बढ़ गई है, ऐसे में ज्यादा पैदावार की इस समस...